पंजाब की नई आबकारी नीति 2025: शराब ठेकों की नीलामी प्रक्रिया और बड़े बदलाव
Punjab New Excise Policy: पंजाब सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है। इस नीति के तहत सरकार ने 11,200 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।
कैसे होगी शराब ठेकों की नीलामी?
इस बार शराब के ठेके ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। वित्त मंत्री हरपाल चीमा के अनुसार, 2022 में जब कांग्रेस सरकार सत्ता में थी, तब यह लक्ष्य 6,100 करोड़ रुपये था, जबकि 2024 में इसे बढ़ाकर 10,850 करोड़ रुपये किया गया। वर्तमान में सरकार को 10,200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, और इस बार 11,020 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है।
नई नीति में क्या बदलाव किए गए हैं?
✅ समूहों की संख्या: अब कुल 207 समूह होंगे।
✅ स्वदेशी कोटा वृद्धि: स्वदेशी शराब का कोटा 3% बढ़ा दिया गया है।
✅ फार्म हाउस शराब लाइसेंस: अब एक लाइसेंस के तहत 12 की बजाय 36 बोतल शराब स्टोर करने की अनुमति होगी।
✅ बॉटलिंग प्लांट: लंबे समय से लंबित अनुमति को अब मंजूरी दी गई है, जिससे नए बॉटलिंग प्लांट स्थापित किए जा सकेंगे।
✅ नई आबकारी पुलिस थाने: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए आबकारी पुलिस थाने खोले जाएंगे और इसके लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी।
✅ आईएमएफएल (IMFL) कोटा: खुला कोटा लागू किया गया है।
बीयर की दुकानों के लिए राहत
बियर शॉप लाइसेंस की फीस में बड़ी कटौती की गई है। पहले जहां यह फीस 2 लाख रुपये थी, अब इसे घटाकर 25,000 रुपये प्रति लाइसेंस कर दिया गया है। इससे लाइसेंस धारकों को 1.75 लाख रुपये की बचत होगी, जिससे अधिक लोग इस क्षेत्र में व्यापार करने के लिए प्रेरित होंगे।
निष्कर्ष
पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति 2025 से न केवल राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि ठेकों की नीलामी प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आएगी। नई नीतियों के तहत बॉटलिंग प्लांट खोलने की अनुमति, स्वदेशी कोटा बढ़ोतरी, और बीयर लाइसेंस फीस में कटौती जैसे फैसले शराब व्यापार से जुड़े कारोबारियों को राहत देंगे।